वैशाख महीने की एकादशी को मोहिनी एकादशी मनाई जाती है इस दिन पूजा पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती
है और साथ ही किए हुए पापों से भी मुक्ति मिलती है। मोहिनी एकादशी व्रत के
प्रभाव से हर प्रकार के पाप व दुख मिट जाते हैं। यह व्रत मोह बंधन से
मुक्ति दिलाता है।इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल पंचामृत और तुलसी के
पत्ते अर्पित करने चाहिए। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने
मोहिनी का रूप धारण किया था।
मोहिनी एकादशी पूजन विधि- वैशाख महीने की एकादशी को मोहिनी एकादशी मनाई जाती है इस दिन पूजा पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है और साथ ही किए हुए पापों से भी मुक्ति मिलती है। मोहिनी एकादशी व्रत के प्रभाव से हर प्रकार के पाप व दुख मिट जाते हैं। यह व्रत मोह बंधन से मुक्ति दिलाता है।इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल पंचामृत और तुलसी के पत्ते अर्पित करने चाहिए। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था।व्रत के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठना चाहिए और नित्य कर्म कर शुद्ध जल से स्नान करना चाहिए। स्नान करने के लिए कुश और तिल के लेप का प्रयोग करना चाहिए। स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें और देवों का पूजन करने के लिए कलश की स्थापना कर, उसके ऊपर लाल रंग का वस्त्र बांध कर पहले कलश का पूजन करें। इसके बाद उसके ऊपर भगवान की तस्वीर या प्रतिमा रखें इसके बाद भगवान की प्रतिमा को स्नानादि से शुद्ध कर उत्तम वस्त्र पहनाना चाहिए। फिर धूप, दीप से आरती उतारनी चाहिए और मीठे फलों का भोग लगाना चाहिए। इसके बाद प्रसाद वितरित कर ब्राह्मणों को भोजन तथा दान-दक्षिणा देनी चाहिए। रात्रि में भगवान का कीर्तन करते हुए मूर्ति के समीप ही शयन करना चाहिए।


No comments:
Post a Comment